Sunday 17 February 2008

योगेन्द्र कृष्णा की कविताएँ






दिल्ली में पहली बार


गाइड ने मुझे बताया
यह लाल किला है
जहाँ के प्राचीर से...

मैंने कहा, मैं जानता हूँ
अपने देश का अतीत मैं जानता हूँ
मुझे वह सब दिखाओ
जो आज की तारीख में घट रहा है

उसने बताया...
मैं दिल्ली की जिस सड़क पर चल रहा हूँ
उसका नाम सत्य मार्ग है
आस-पास ही शान्ति मार्ग
और नीति मार्ग भी है
मैंने कहा
मैं इन रास्तों से होता हुआ
खेल गाँव जाना चाहता हूँ
उसने बताया
शाम के अंधेरे में
इन रास्तों पर अब कोई नहीं चलता
फ़िर खेल गाँव में क्या रखा है...

मैंने कहा
वहाँ सीरी फोर्ट स्टेडियम है
जहाँ अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव चल रहा है
और जहाँ के हर खेल का स्तर अंतर्राष्ट्रीय है
यहाँ तक की हाल में
स्टेडियम के बाहर खेले गए
उस खेल का स्तर भी
जिसे लोगों ने पता नहीं क्यों बलात्कार कह दिया

गाइड ने मुझे गौर से देखा
ऐसे जैसे किसी पागल के चक्कर में पड़ गया हो
मैंने भी उसे पहली बार ठीक से देखा
इंडिया गेट, लाल किले और देसी लोकतंत्र का
ऐतिहासिक आतंक उसकी आंखों में
साफ नजर आता था
और उसकी पूरी देह
खँडहर होते इतिहास की भव्यता संभाले थी
जिसके मलवे से चुपके से झाँक जाती थी
स्टेडियम के बाहर खड़ी
अपनी ही कार में बलात्कृत
स्विस महिला की आंखें
तंदूर के भीतर टुकडों में जली नारी देह
खूनी दरवाजा और जेसिका लाल...

मैंने कहा
मैं जनपथ की उन सड़कों से
पैदल गुजरना चाहता हूँ
जो हमारे देश की संसद तक जाती है

उसने बताया
इन सड़कों पर अब
केवल मोटर गाडियाँ चलती हैं
आप संसद तक जाना चाहें
तो लाल बत्ती गाड़ी में जा सकते हैं
जनपथ हो या नीति मार्ग
या कि शांति मार्ग और सत्य मार्ग
उन पर पैदल चल कर
अब कोई संसद नहीं जाता
उसने शायद ठीक कहा था
मुझे याद आया
कुछ ही दिन पहले
हमलावर भी इन्हीं मार्गों से
लाल बत्ती गाड़ी में ही तो गए थे...

( संवाद प्रकाशन, मुम्बई से प्रकाशित काव्य-संकलन बीत चुके शहर में से )

2 comments:

रूपसिंह चन्देल said...

प्रिय योगेन्द्र भाई,

आपका ब्लॉग देखा पहली बार और आश्चर्यचकित रह गया यह देखकर कि आप अद्भुत और कठिन काम कर रहे हैं. हाल में आपकी संवाद से प्रकाशित पुस्तक देखने का सौभाग्य मिला था.लेकिन ब्लॉग की दुनिया में आप निश्चित ही उल्लेखनीय काम कर हैं. सभी रचनाएं महत्वपूर्ण हैं. बधाई स्वीकार करें.

चन्देल

योगेंद्र कृष्णा said...

बहुत-बहुत धन्यवाद रूपसिंह चन्देल जी । ऐसी ईमानदार शुभकामनाएं मेरे लिए संबल हैं ।

 
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